August 26, 2022

Gaurav Gatha(Hindi)-09-Munshi Premchand

 गौरव गाथा (हिंदी) संख्या-09-मुंशी प्रेमचंद















मुंशी प्रेमचंद हमारे देश के साहित्य-सम्राट थे | वे उर्दू तथा हिंदी दोनों भाषाओँ में चोटी के कथाकार-उपन्यासकार माने जाते हैं |उन्होंने लगभग एक दर्ज़न उपन्यास 300 कहानियां कुछ निबंध, नाटक और जीवनियाँ लिखी |
प्रेमचंद ने गरीबी का अनुभव  किया था और अपने ही अनुभवों को साहित्य में चरितार्थ किया | उन्होंने निर्भीकता से असहाय किसानो, बेसहारा मज़दूरों, निर्बल औरतों तथा दलित वर्ग के साथ किये जा रहे अन्याय के विरुद्ध सर्वप्रथम आवाज़ उठाई 
उनकी भाषा में ग्रामीण जीवन की सरलता झलकती है | उनके चरित्र चित्रण में ऐसी यथार्थता है की पाठक उसके साथ एकाकार हो जाते हैं |उस समय भारत में स्वतंत्रता-संग्राम जोरों पर था प्रेमचंद ने अपने देशवासियों में देशभक्ति की ज्योति जलाई तथा उनके हृदयों में राजनैतिक और सामाजिक जागरण पैदा किया |
प्रेमचंद की रचनाएं तो दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में गिनी जाती है |   
  • गौरव गाथा
  • शीर्षक          : मुंशी प्रेमचंद
  • अंक              : 09
  • कुल पृष्ठ        : 36
  • भाषा             : हिंदी 
  • प्रकाशक       : गौरव गाथा प्रकाशन
  • प्रकाशन वर्ष  : अगस्त 1981
पढ़ें : 51 mb

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